गाय और आस्था

गाय मईया की महिमा तो अपार है

गाय मईया की महिमा तो अपार है जिसका उलेख शास्त्रों और पुराणों में वर्णित है संत महात्माओ ने गो माता की महिमा के सम्बन्ध में अनेको व्याख्यान दिए है !
मातर: सर्वभूतानां गाव:
गाय सनातन संस्कृति की रीढ़ है !वेद शास्त्रों के अनुसार गाय माता पृथ्वी के समस्त प्राणियो की जननी है !
गाय के सींगो में ब्रह्मा,ललाट में शंकर,कानो में अश्वनी कुमार,नेत्रों में सूर्य चन्द्र,जीवा में पृथ्वी, पीठ पर नक्षत्रगण,गोबर में महालक्ष्मी,और थनों में चारो समुद्र निवास करते है !

युधिष्ठिर ने यक्ष के प्रश्न ‘‘अमृत किम् ?’’ के उत्तर में ‘‘गवाऽमृतम्’’ कहा था।

गर्ग संहिता गोलोक—खण्ड अध्याय—४ में लिखा है:— जिस गोपाल के पास पाँच लाख गाय हों उसे उपनंद और जिसके पास नव लाख गायें हो उसे नंद कहते हैंं। दस हजार गायों के समूह को व्रज अथवा गोकुल कहने में आता था।

इससे ये बात तो स्पष्ट हो जाती है कि ‘गाय’ द्वापर युग से ही हमारे अर्थतंत्र का मुख्य आधार रही है।

युधिष्ठिर ने यक्ष के प्रश्न ‘‘अमृत किम् ?’’ (अमृत क्या है?) के उत्तर में ‘‘गवाऽमृतम्’’ (गाय का दूध) कहा था।

मनुष्य तभी जब वह अहिंसा आदि गुणों का पूर्णतया पालन करें’

योगदर्शन महर्षि पतंजलि की मनष्यों को बहुत बड़ी देन है जो मनुष्यों को मनुष्य बनाने का प्रमुख साधन है। योगदर्शन का उद्देश्य मनुष्यों को सुसंस्कारित कर उसे समाधि अवस्था तक पहुंचाना और ईश्वर का साक्षात्कार कराना है। समाधि में ही ईश्वर का साक्षात्कार सम्भव है वा होता है। समाधि में ईश्वर  साक्षात्कार से विवेक उत्पन्न होता है और यही मनुष्यों के जीवन से दुःखों की पूर्णतः निवृति कराकर ईश्वर के सान्निध्य में पहुंचाता है। इसके बाद मनुष्य जब तक जीवित रहता है जीवनमुक्त कहलाता है और मृत्यु होने के पश्चात अनादि जीवात्मा मोक्ष प्राप्त करता है जो दुःखों से सर्वथा रहित अतिशय सुख की अवस्था होती है। इस मोक्ष अव

गाय के दूध पीने का यह फायदा नहीं जानते होंगे आप

गाय के दूध पीने का यह फायदा नहीं जानते होंगे आप

वैसे तो दूध के फायदे किसी से नहीं छिपे हैं लेकिन गाय के दूध का एक फायदा आप अब तक नहीं जानते होंगे। हाल में ताइवान में हुए एक शोध में माना गया है कि गाय के दूध के नियमित सेवन से पेट के कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने गाय के दूध में मौजूद लैक्टोफेरिसिन बी25 (लेफसिन बी25) की खोज की है जो गैस्ट्रिक कैंसर की कोशिकाओं को रोकने में मदद करती हैं।

‘दुनिया भर में, खासतौर पर एशियाई देशों में गैस्ट्रिक कैंसर से मरने वाले रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस दिशा में हमारी यह खोज एक बड़ी उपलब्धि है।”

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