गाय और आस्था

लोगों में गो रक्षा की भावना कम क्यों हो रही है ?

प्रश्न— लोगों में गो रक्षा की भावना कम
क्यों हो रही है ?
उत्तर— गाय के कलेजे, मांस, खून आदि से बहुत-
सी अंग्रेजी दवाइयाँ बनती हैं | उन दवाइयों का सेवन
करनेसे गाय के मांस, खून आदि का अंश लोगों के पेट में
चला गया है और उनकी बुद्धि मलिन हो गयी है और
उनकी गाय के प्रति श्रद्धा, भावना नहीं रही है |
लोग पापसे पैसा कमाते है और उन्हीं पैसों का अन्न
खाते हैं, फिर उनकी बुद्धि शुद्ध कैसे होगी और
बुद्धि शुद्ध हुए बिना सच्ची, हितकर बात अच्छी कैसे
लगेगी ?
स्वार्थबुद्धि अधिक होने से मनुष्य की बुद्धि भ्रष्ट

अहिंसा परमों धर्म:

अहिंसा परमों धर्म:

अहिंसा परमों धर्म:
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला,
ऐसा गर हो जाये तो फिर भारत किस्मतवाला.
गाय हमारी माता है यह, नहीं भोग का साधन.
इसकी सेवा कर लें समझो, हुआ प्रभु-आराधन.
दूध पियें हम इसका अमृत, गाय ने हमको पाला.
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला...
गाय दूर करती निर्धनता, उन्नत हमें बनाए,
जो गायों के साथ रहे वो, भवसागर तर जाए.
गाय खोल सकती है सबके, बंद भाग्य का ताला.
हर घर में हो एक गाय और गाँव-गाँव गौशाला...
'पंचगव्य' है अमृत यह तो, सचमुच जीवन-दाता.
स्वस्थ रहे मानव इस हेतु, आई है गऊ माता.

गावो धन्याः सनातनाः।।

गावो धन्याः

गावः पवित्रं परमं
गावो मांगल्यमुत्तमम् ।
गावः स्वर्गस्य सोपानं

गावो धन्याः सनातनाः।।"

'गायें परम पवित्र, परम मंगलमयी, स्वर्ग
का सोपान, सनातन एवं धन्यस्वरूपा हैं।'
...

'गाय पशु नहीं बल्कि सुंदर अर्थतन्त्र है।'
गाय का देश की अर्थव्यवस्था में
भी काफी महत्त्व है। गाय का दूध, घी,
मक्खन, झरण (गौमूत्र), गोबर
आदि सभी जीवनोपयोगी तथा लाभकारी चीजें
हैं।

इतना ही नहीं, गाय के रोएँ और
निःश्वास भी मानव-जीवन के लिए आवश्यक
हैं। इस बात की पुष्टि वैज्ञानिकों ने
भी अपने प्रयोगों से की है।

देशी गाय में वात्सल्य भावना कूट—कूटकर भरी होती है

देशी गाय में वात्सल्य भावना कूट—कूटकर भरी होती है

भारतीय देशी गाय में वात्सल्य भावना कूट—कूटकर भरी होती है। वह अपने बच्चे को जन्म देने के बाद 18 घंटे तक चाटती—दुलारती रहती है। यही कारण है कि सैंकड़ों बछड़ों के बीच भी अपने बच्चे को पहचान लेती है। और तो और, गाय जबतक अपने बच्चे को दूध नहीं पिलाती है, तबतक दूध नहीं देती है। जबकि भैंस या जर्सी गाय चारा खाते ही दूध दूहने की अनुमति दे देती है। यही कारण है कि गाय का दूध पीने वाले बच्चे में काफी शांत और सौम्य आचरण एवं व्यवहार ज्यादा देखे गए हैं।

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