gauparivar's blog

गाय ने बाघ को मारा

ये खबर लगती तो अविश्वसनीय सी है लेकिन ये सच है कि एक बाघ को एक गाय ने मार डाला.

बाघ शुक्रवार को गाय के बाड़े में घुस गया था जहाँ गाय ने उसे सिंग से मार-मारकर इतना घायल कर दिया था कि शनिवार को उसकी मौत हो गई.

हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि बाघ पहले से घायल था और गाय से मिली चोट की वजह से वह बच नहीं सका.

असहाय बाघ

ये घटना तमिलनाडु में कोयम्बटूर के वालपराई की है.

चाय उगाने वाले इस गाँव के एक व्यक्ति ज्ञानशेखरन ने शुक्रवार की सुबह क़रीब साढ़े छह बजे देखा कि उसकी गाय के बाड़े में एक बाघ घुसा बैठा है.

गौदुग्ध – धरती का अमृत

गौदुग्ध – धरती का अमृत

गाय का दूध धरती का अमृत है. विश्व में गौ दुग्ध के सामान पौष्टिक आहार दूसरा कोई नहीं है. गाय के दूध को पूर्ण आहार माना गया है. यह रोग निवारक भी है. गाय के दूध का कोई विकल्प नहीं है. यह एक दिव्य पदार्थ है.

वैसे भी गाय के दूध का सेवन करना गौ माता की महान सेवा करना ही है. क्योकि इससे गोपालन को बढ़ावा मिलता है और अप्रत्यक्ष रूप से गाय की रक्षा ही होती है. गाय के दूध का सेवन कर गौमाता की रक्षा में योगदान तो सभी दे ही सकते है.

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गऊ सेवा के चमत्कार

गऊ सेवा के चमत्कार

गौ के दर्शन, पूजन, नमस्कार, परिक्रमा, गाय को सहलाने, गौग्रास देने तथा जल पिलाने आदि सेवा के द्वारा मनुष्य दुर्लभ सिद्धियाँ प्राप्त होती है.
गो सेवा से मनुष्य की मनोकामनाएँ जल्द ही पूरी हो जाती है.
गाय के शरीर में सभी देवी-देवता, ऋषि मुनि, गंगा आदि सभी नदियाँ तथा तीर्थ निवास करते है. इसीलिये गौसेवा से सभी की सेवा का फल मिल जाता है.
गौ को प्रणाम करने से – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारो की प्राप्ति होती है. अतः सुख की इच्छा रखने वाले बुद्धिमान पुरुष को गायो को निरंतर प्रणाम करना चाहिए.
ऋषियों ने सर्वश्रेष्ठ और सर्वप्रथम किया जाने वाला धर्म गौसेवा को ही बताया है.

गाय और गंगा

गाय और गंगा

गंगा संरक्षण मंत्रालय सम्भालने के कुछ महीने पहले उमा भारती ने कानपुर में गंगा किनारे दिये एक भाषण में टेनरीज पर निशाना साधते हुए कहा था कि गाय को लेकर ऐसा कानून बनाएँगे कि कोई कागज पर बनी गाय को भी काटने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। टेनरीज पर रोक लगाना तो दूर उमा भारती उन्हे गंगा में गोवंश का खून बहाने से भी नहीं रोक पा रहीं हैं। कुल मिलाकर गाय और गंगा को लेकर सिर्फ हल्ला मचाया जा रहा है। डेढ़ साल से लोगों को लग रहा है कि बस अब कुछ होने ही वाला है लेकिन यह इन्तजार खत्म ही नहीं हो रहा।

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