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गौदुग्ध – धरती का अमृत

गाय का दूध धरती का अमृत है. विश्व में गौ दुग्ध के सामान पौष्टिक आहार दूसरा कोई नहीं है. गाय के दूध को पूर्ण आहार माना गया है. यह रोग निवारक भी है. गाय के दूध का कोई विकल्प नहीं है. यह एक दिव्य पदार्थ है.

वैसे भी गाय के दूध का सेवन करना गौ माता की महान सेवा करना ही है. क्योकि इससे गोपालन को बढ़ावा मिलता है और अप्रत्यक्ष रूप से गाय की रक्षा ही होती है. गाय के दूध का सेवन कर गौमाता की रक्षा में योगदान तो सभी दे ही सकते है.

गऊ सेवा के चमत्कार

गौ के दर्शन, पूजन, नमस्कार, परिक्रमा, गाय को सहलाने, गौग्रास देने तथा जल पिलाने आदि सेवा के द्वारा मनुष्य दुर्लभ सिद्धियाँ प्राप्त होती है.
गो सेवा से मनुष्य की मनोकामनाएँ जल्द ही पूरी हो जाती है.
गाय के शरीर में सभी देवी-देवता, ऋषि मुनि, गंगा आदि सभी नदियाँ तथा तीर्थ निवास करते है. इसीलिये गौसेवा से सभी की सेवा का फल मिल जाता है.
गौ को प्रणाम करने से – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारो की प्राप्ति होती है. अतः सुख की इच्छा रखने वाले बुद्धिमान पुरुष को गायो को निरंतर प्रणाम करना चाहिए.
ऋषियों ने सर्वश्रेष्ठ और सर्वप्रथम किया जाने वाला धर्म गौसेवा को ही बताया है.

गाय और गंगा

गंगा संरक्षण मंत्रालय सम्भालने के कुछ महीने पहले उमा भारती ने कानपुर में गंगा किनारे दिये एक भाषण में टेनरीज पर निशाना साधते हुए कहा था कि गाय को लेकर ऐसा कानून बनाएँगे कि कोई कागज पर बनी गाय को भी काटने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। टेनरीज पर रोक लगाना तो दूर उमा भारती उन्हे गंगा में गोवंश का खून बहाने से भी नहीं रोक पा रहीं हैं। कुल मिलाकर गाय और गंगा को लेकर सिर्फ हल्ला मचाया जा रहा है। डेढ़ साल से लोगों को लग रहा है कि बस अब कुछ होने ही वाला है लेकिन यह इन्तजार खत्म ही नहीं हो रहा।

देसी भारतीय गौ वंश है अर्थव्यवस्था का मूल आधार

गिरती अर्थव्यवस्था. (आयात बिल पेट्रोल डीजल रसोई गैस दवाई उर्वरक सब विदेशो से आता है, घर की जगह विदेशी उत्पादों से मोह किसी भी वजह से)

किसानों की आत्महत्या. (कारण हर चीज बाहर से खरीदना रासायनिक खेती में, जैसे बीज, खाद, कीट नाशक, ट्रैक्टर, डीजल और उपज के समय मंडी में भाव न मिलना.)

बढ़ती महंगाई और बढती गरीबी (मूल कारण अत्यधिक टैक्स, पेट्रोल, डीज़ल की बढ़ती कीमत, रुपये की गिरावट, भ्रस्टाचार और अंग्रेजी व्यवस्था)

बिजली की कमी (प्राकृतिक संसाधन की कमी और उसपर होने वाला खर्च)

पानी की कमी. (ग्लोबल वार्मिंग)

शुद्ध भोजन की कमी (केमिकल FARMING)

गाय,गौमाता,असुरक्षित , मौत

जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने सर्किट हाउस में की बैठक-

केन्द्रीय जल मंत्री और झाँसी से सांसद उमा भारती ने सर्किट हाउस में बैठक करके बुंदेलखंड पैकेज के अतिरिक्त 400 करोड़ रूपये और देने की घोषणा की है। यह रुपया पूर्व और वर्तमान सांसद की समिति बनाकर उनकी मंशा के अनरूप खर्च किया जायेगा। जो कार्य पहले नही हुए उन्हें प्राथमिकता दी जायेगी,ऐसा जल मंत्री उमा भारती ने कहा है।

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