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गाय के गोबर में लक्ष्मी और मूत्र में गंगा का वास होता है, जबकि आयुर्वेद में गौमूत्र के ढेरों प्रयोग कहे गए हैं। गौमूत्र का रासायनिक विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों ने पाया, कि इसमें 24 ऐसे तत्व हैं जो शरीर के विभिन्न रोगों को ठीक करने की क्षमता रखते हैं। आयुर्वेद के अनुसार गौमूत्र का नियमित सेवन करने से कई बीमारियों को खत्म किया जा सकता है। जो लोग नियमित रूप से थोड़े से गौमूत्र का भी सेवन करते हैं, उनकी रोगप्रतिरोधी क्षमता बढ़ जाती है। मौसम परिवर्तन के समय होने वाली कई बीमारियां दूर ही रहती हैं। शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है।

इसके कुछ गुण इस प्रकार गए हैं :-

देसी गाय के गौ मूत्र में कई उपयोगी तत्व पाए गए हैं, इसीलिए गौमूत्र के कई सारे फायदे है|गौमूत्र अर्क (गौमूत्र चिकित्सा) इन उपयोगी तत्वों के कारण इतनी प्रसिद्ध है|देसी गाय गौ मूत्र में जो मुख्य तत्व हैउनमें से कुछ का विवरण जानिए।

1. यूरिया (Urea) : यूरिया मूत्र में पाया जाने वाला प्रधान तत्व है और प्रोटीन रस-प्रक्रिया का अंतिम उत्पाद है| ये शक्तिशाली प्रति जीवाणु कर्मक है|

2. यूरिक एसिड (Uric acid): ये यूरिया जैसा ही है और इस में शक्तिशाली प्रति जीवाणु गुण हैं| इस के अतिरिक्त ये केंसर कर्ता तत्वों का नियंत्रण करने में मदद करते हैं|

गौ मूत्र पर GST,और कहते है गाय हमारी माता : बाबा रामदेव ने किया GST का विरोध

जिस प्रकार देश मे कपड़ा और अनाज पर ज्यादा जीएसटी लगाए जाने के खिलाफ देशभर के कपड़ा और अनाज व्यापारी अब सड़कों पर उतर आये थे और देश भर में कपड़ा व्यापारियों ने विरोध के तौर पर एक दिन का बंद कर रखा था। मुंबई और अहमदाबाद के कपड़ा बाजार में दुकानों पर ताले लगे रहे। कई जगहों पर व्यापारियों ने  सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया । इसी को लेकर योग गुरु स्वामी रामदेव भी व्यापारियों के समर्थन में दिखे ,उन्होंने एक निजी चैनल के इंटरव्यू में जीएसटी का विरोध करते हुए मोदी सरकार पर तंज कसे ।

गौ माता पूजन से पुण्य फल की प्राप्ति

लोग पूजा-पाठ करके धन पाने की इच्छा रखते हैं लेकिन भाग्य बदलने वाली तो गौ-माता है। उसके दूध से जीवन मिलता है। रोज पंचगव्य का सेवन करने वाले पर तो जहर का भी असर नहीं होता और वह सभी व्याधियों से मुक्त रहता है। गाय के दूध में वे सारे तत्व मौजूद हैं जो जीवन के लिए जरूरी हैं। वैज्ञानिक भी मानते हैं कि गाय के दूध में सारे पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। मीरा जहर पीकर जीवित बच गई क्योंकि वे पंचगव्य का सेवन करती थीं। लेकिन कृष्ण को पाने के लिए आज लोगों में मीरा जैसी भावना नहीं बची।

फिनाइल की जगह करें ‘गौनाइल’ का इस्तेमाल: मेनका गांधी
  • केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने फर्श की सफाई के लिए गौमूत्र से बने द्रव्य ‘गौनाइल’ के सरकारी दफ्तरों में इस्तेमाल की वकालत करते हुए कहा है कि अभी उपयोग में लाए जा रहे फिनाइल ‘‘रासायनिक तौर पर पर्यावरण के लिए नुकसानदेह’’ हैं। अपने कैबिनेट सहकर्मियों को लिखे पत्र में मेनका ने उनसे अनुरोध किया है कि वे गौमूत्र से बने ‘‘गोनाइल’’ का इस्तेमाल शुरू करें क्योंकि यह ‘‘पर्यावरण के लिहाज से अच्छा’’ है।

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