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उत्तर प्रदेश: योगी सरकार राज्य के हर गांव में खोलेगी गौशाला, शुरुआत बुंदेलखंड से होगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजनेता के साथ-साथ एक सन्यासी भी हैं। और उनका गायों से प्रेम किसी से छुपा नहीं है. जब से वो संन्यासी बने, गाय को चारा खिलाना और उनकी देखभाल करना उनकी जिंदगी का हिस्सा है. मुख्यमंत्री बनने के बाद भी ये सिलसिला टूटा नहीं है. जब भी वो गोरखपुर जाते हैं, दिन की शुरुआत गोसेवा से ही होती है. इतना ही नहीं लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर भी उन्होंने गोरखपुर से कई गायों को लाकर रखा है और खुद उनकी देखभाल करते हैं।

सरकार की हर गांव में एक गोशाला खोलने की योजना

गौशाला खोलने के लिए जमीन देंगे

पिथौरागढ़। गौ रक्षा सेवा सदन के उपाध्यक्ष गणेश जोशी ने गौशाला खोलने के लिए बड़ावे में जमीन देने की घोषणा की है। समिति ने जमीन समतलीकरण और भवन के निर्माण के लिए चंदा मांगने का निर्णय लिया है। इसके लिए बैंक में संयुक्त खाता खोला जाएगा। 

जय गौमाता जय गोपाल

गावो भगो गावः इन्द्रो म इच्छाद्रावः सोमस्य प्रथमस्य भक्षः

वेदों में गाय का महत्व अतुलनीय व श्रेष्ठतम है। गाय रुद्रों की माता, वसओं की पुत्री, अदिति पुत्रों की बहन तथा अमृत का खजाना है। अथर्ववेद के 21वें सूक्त को गौ सूक्त कहा जाता है। इस सूक्त के ऋषि ब्रह्मा तथा देवता गऊ है। गायें हमारी भौतिक व आध्यात्मिक उन्नति के प्रधान साधन है। मनुष्य को धन–बल–अन्न व यश पाने के लिए गऊ सूक्त का रोज़ पाठ करना चाहिए। आरोग्य व पराक्रम पाने के लिए गाय के दूध, मक्खन व घी का सेवन करने से पूर्व इस सूक्त का पाठ मात्र करने से सर्वारिष्ट शांत होते है।

माता रुद्राणां दुहिता वसूनां स्वसादित्यनाममृत्सय नाभिः।

शिव का वाहन - धर्म का अवतार नंदी

वृषभ 'संस्कृत अंग्रेजी शब्द' बैल 'के बराबर है. नंदी बैल भगवान शिव का वाहन है. वैदिक साहित्य में शिव शब्द 'जनता के कल्याण' (लोक कल्याण) का पर्याय है. और बैल लोक कल्याण कर्ता का वाहक है.हमारी कृषि और ग्रामीण परिवहन की 90% अभी भी हमारे बैलों पर निर्भर हैं. बैल इस प्रकार हमारे धर्म के अवतार हैं. वस्तुतः बैल मानव जाति का एक भाई है, और जो आदमी के लिए काम करता है, वह भी कोई पारिश्रमिक बिना, 3 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद बछड़ा, बछिया, और एक बैल, जो अपने जीवन प्रर्यंत मानव जाति का कार्य करता है .

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