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शिव का वाहन - धर्म का अवतार नंदी

वृषभ 'संस्कृत अंग्रेजी शब्द' बैल 'के बराबर है. नंदी बैल भगवान शिव का वाहन है. वैदिक साहित्य में शिव शब्द 'जनता के कल्याण' (लोक कल्याण) का पर्याय है. और बैल लोक कल्याण कर्ता का वाहक है.हमारी कृषि और ग्रामीण परिवहन की 90% अभी भी हमारे बैलों पर निर्भर हैं. बैल इस प्रकार हमारे धर्म के अवतार हैं. वस्तुतः बैल मानव जाति का एक भाई है, और जो आदमी के लिए काम करता है, वह भी कोई पारिश्रमिक बिना, 3 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद बछड़ा, बछिया, और एक बैल, जो अपने जीवन प्रर्यंत मानव जाति का कार्य करता है .

विकास की और बढ़ता देश...

देखो अंग्रेंजो जिसे तुम सांप सपेरों का देश समझते थे ,अब कितना विकसित हो गया है हमारा चमड़ा उद्योग कितना फल फूल रहा है जिसे तुम भारतीय नारी कहते थे जो रसोई में और घूँघट में रहती थी अब वो रसोई में नहीं बल्कि ऑफिस जाती है दारू सिगरेट और अब एक्सपोज़ करती है, बेटी अपने माता पिता को और पत्नी अपने पति को ।पति अपनी पत्नी को धोखा देता है

भारत के लोग अपने देश वीर महापुरषो को नहीं जानते

बल्कि हिटमैन सुपरमैन और स्पाइडर मैन को जानते है

दूध घी मक्खन खाने वाला देश आज पिज़्ज़ा बॉर्गर और मेदे की बनी चीज़े खा रहा है

400 ग्राम गोमूत्र की बैटरी से 3 वाट का बल्ब 400 घंटे तक जलाया जा सकता है।

400 ग्राम गोमूत्र की बैटरी से 3 वाट का बल्ब 400
घंटे तक जलाया जा सकता है। 12 बोल्ट की इस ‘गो-
ज्योति बैटरी’ से मोबाइल भी चार्ज हो सकता है। इसे
कानपुर (उत्तरप्रदेश) की गौशाला में बनाया गया है।
इसे बिजली से चार्ज करने की जरूरत भी नहीं होती।
कानपुर गोशाला के महामंत्री पुरूषोत्तम तोषनीवाल के
प्रयासों से यह सब संभव हुआ है। तोषनीवाल के
अनुसार यह बिजली का वैकल्पिक साधन बन
सकती है।
तोषनीवाल ने दावा... किया कि बिजली से चार्ज
होने वाली बैटरियां 5-6 घंटे तक ही काम करती हैं,
जबकि गौ-ज्योति बैटरी 400 ग्राम गो-मूत्र से 400

बांध का पानी घुसा पथमेड़ा गोशाला में, 536 गोवंश की मौत

पांचला बांध टूटने के कारण उपजे बाढ़ के हालात ने जहां क्षेत्र में खासा नुकसान किया है। वहीं इसका पानी पथमेड़ा गोशाला की विभिन्न शाखाओं में घुसने से बड़ी तादाद में गोवंश की मौत हुई है। गोवंश की मौत का आंकड़ा बढ़कर अब 536 तक पहुंच चुका है। गौरतलब है कि गत दिनों अतिवृष्टि के कारण पांचला बांध टूट गया था। इसका पानी पथमेड़ा गोशाला की 18 शाखाओं में घुस गया। वहीं इस दौरान अतिवृष्टि के हालात भी बने रहे। ऐसे में गोशाला के करीब 536 गोवंश की मौत हो गई। गोशाला प्रबंधन के अनुसार पांचला बांध टूटने से गोधाम पथमेड़ा व इससे संबंधित गोशालाओंं में तेज वेग से पानी का बहाव हुआ। पानी का बहाव इतना तेज था कि वह गोवं

अब गायों की रक्षा करेंगे किन्‍नर

अब गायों की रक्षा करेंगे किन्‍नर
पानीपत में गोचरांद जमीन मुक्त कराने के लिए प्रदेश सरकार को हिला देने वाले गोपालदास ने कहा कि गोरक्षा में किन्नर समाज ही आगे है। इस समाज को सबसे उपेक्षित माना जाता है, लेकिन इनके दिन में गोरक्षा के लिए एक जज्बा है।

ये बात उन्होंने रविवार को आदर्श नगर में किन्नर समाज के कार्यक्रम में बोलते हुए कही। किन्नर समाज ने गोपाल दास को गोचरांद जमीन आंदोलन में समर्थन दिया।

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