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गोदुग्ध - धरती का अमृत है |

अनादिकाल से मानवजाति गोमाता की सेवा कर अपने जीवन को सुखी, सम्रद्ध, निरोग, ऐश्वर्यवान एवं सौभाग्यशाली बनाती चली आ रही है. गोमाता की सेवा के माहात्म्य से शास्त्र 
भरे पड़े है. आईये शास्त्रों की गो महिमा की कुछ झलकिय देखे -

गौ को घास खिलाना कि

''प्रिये गौ माता प्रिये गोपाल''

 क्रिशन भगवान् ने गौ माता और ब्राहमण की आराधना को ही अपनी पूजा माना है -
जब तक सम्पूर्ण लोक प्रतिष्ठित है और उनमे मेरी पूजा होती है, तो गौ माता के रूप में ही मैं पूजा को यथार्थ रूप से की गयी पूजा मानकर ग्रहण करता हु, इससे भिन दूसरी पूजा मेरी नहीं है।
अल्प बुधि मनुष्य इस रहस्य को ना जानकार अन्य प्रकार से व्यर्थ ही मेरी पूजा करते है।

''प्रिये गौ माता प्रिये गोपाल''
Vandeeeeeeee Gou Matrammmmmm:):):)
Jai Gou Mata Jai Shree Ram 
Plz Save Gou Mata

गाय हॉस्टल

शहरी लोगों के लिए गाय पालने का रास्ता हुआ साफ, नगर निगम व हुडा से स्वीकृति का होगा झंझट खत्म चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी अब गाय पाल सकेंगे। इसके लिए नगर निगम व हुडा के नियम भी आड़े नहीं आएंगे। हरियाणा सरकार ने गौसेवा आयोग के माध्यम से गायों के लिए हॉस्टल बनाने की तैयारी की है। जहां लोग अपनी गायों को रख सकेंगे।

साध्वी सुमेधा भारती

अजमल खाँ पार्क, करोल बाग दिल्ली में सात दिवसीय श्री गो कथा के अंतिम दिवस में गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुमेधा भारती जी ने बताया कि आज समय की मांग है कि हम अपने पूर्वजों द्वारा दिखाए रास्ते पर चलें। हमारे भारत देश में जब-जब भी गाय पर अत्याचार हुआ तब-तब गो रक्षक आगे आए। उन्होंने अपने प्राणों की चिंता किए बिना गाय माता को प्रत्येक विपदा से बचाया। भगवान श्री कृष्ण जी ने तो गाय को दावानल से बचाने के लिए अग्नि तक का पान कर लिया था। मंगल पांडे जी ने गोरक्षा के लिए फाँसी के फंदे को भी स्वीकार कर लिया था। महाराज दलीप जी ने गाय के बदले अपने प्राण सिंह को देना उचित समझा

बुलन्दशहर के स्याना में एक मुस्लिम युवक में गौ प्रेम देखने को मिलता है. मुस्लिम युवक ने गौ सेवा करने के लिए बाकायदा गौशाला खोल रखी है. और गायों की निःस्वार्थ सेवा सिर्फ इसीलिए करते है क्यो कि गौ सेवा से उनके कारोबार में दिन दूनी रात चैगनी प्रगति हुई है. बताया जाता है कि गौ सेवा करने के बाद से जैसे उनकी लॉटरी लग गयी. जिसके चलते पहले इस मुस्लिम युवक ने दिल्ली में प्रेशर कुकर बनाने की फैक्ट्री खोली और बाद में जब फैक्ट्री चल पड़ी तो उन्होंने बिल्डर के कार्य में भी कदम रखा. इसमें भी उन्हें सफलता हासिल हुई.

रोजाना दूध गरीबों और दोस्तों में बटवाते हैं 

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