उत्तर प्रदेश: योगी सरकार राज्य के हर गांव में खोलेगी गौशाला, शुरुआत बुंदेलखंड से होगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजनेता के साथ-साथ एक सन्यासी भी हैं। और उनका गायों से प्रेम किसी से छुपा नहीं है. जब से वो संन्यासी बने, गाय को चारा खिलाना और उनकी देखभाल करना उनकी जिंदगी का हिस्सा है. मुख्यमंत्री बनने के बाद भी ये सिलसिला टूटा नहीं है. जब भी वो गोरखपुर जाते हैं, दिन की शुरुआत गोसेवा से ही होती है. इतना ही नहीं लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर भी उन्होंने गोरखपुर से कई गायों को लाकर रखा है और खुद उनकी देखभाल करते हैं।

सरकार की हर गांव में एक गोशाला खोलने की योजना

गौशाला प्रबंधन एवं कार्यों की जानकारी एवं संयोग

श्रीमान सादर नमस्कार।
गौ परिषद राजस्थान एक प्रदेश स्तर की स्वयंसेवी संस्था है। इसके द्वारा गौशाला संबंधित सभी प्रकार की जानकारी निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है जो इस प्रकार हैः-
1. समिति रजिस्ट्रेशन एवं नवीनीकरण, कार्यकारणी चुनाव, समिति के संविधान में संशोधन, समिति का नाम सुधार या नाम परिवर्तन आदि में सहयोग।
2. कार्यवाही लिखना एवं बैठक कार्रवाई लिखने में मदद करना एवं इसके लिए उपयुक्त जानकारी देना, वार्षिक प्रतिवेदन तैयार करने में सहयोग, आवक-जावक रजिस्टर तैयार करवाने में सहयोग, विजिटर बुक तैयार करने में सहयोग आदि।

गौशाला खोलने के लिए जमीन देंगे

पिथौरागढ़। गौ रक्षा सेवा सदन के उपाध्यक्ष गणेश जोशी ने गौशाला खोलने के लिए बड़ावे में जमीन देने की घोषणा की है। समिति ने जमीन समतलीकरण और भवन के निर्माण के लिए चंदा मांगने का निर्णय लिया है। इसके लिए बैंक में संयुक्त खाता खोला जाएगा। 

गाय ने कैसे बदल दिया लोगो का जीवन!

गाय ने कैसे

मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के इमलिया गौंडी गांव के लोगों की जिंदगी में गौ-पालन ने बड़ा बदलाव ला दिया है। एक तरफ जहां वह लोगों के रोजगार का जरिया बन गई है, वहीं गाय की सौगंध खाकर लोग नशा न करने का संकल्प भी ले रहे हैं। इमलिया गौंडी गांव में पहुंचते ही ‘गौ संवर्धन गांव’ की छवि उभरने लगती है, क्योंकि यहां के लगभग हर घर में एक गाय है। इस गाय से जहां वे दूध हासिल करते हैं, वहीं गौमूत्र से औषधियों और कंडे (उपला) का निर्माण कर धन अर्जन कर रहे हैं। इस तरह गांव वालों को रोजगार भी मिला है।

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