देश को तोड़ने की साजिश ....

साजिस , नेतागिरी , धंधा , प्रेस कार्ड

जय गौमाता जय गोपाल...

2 मिनट का समय निकालकर मेसेज को पूरा पढ़े ..!

मित्रो मोदीजी के एक छोटे से ब्यान के कारण आपियो को एक मौका सा मिल गया है हिन्दुओ को बिखेरने का ,देश तोड़ने का.
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मित्रो आज मुझे एक मैसेज मिला उसमे लिखा है कि मोदीजी ने गौ रक्षको को गुंडा बताया है इसलिए हम एक नई पार्टी बनाने जा रहे है जिसका नाम गाय से जुड़ा हो , और उन्होंने गौ भक्तो से अपील भी है ,की सभी गौ भक्त मीटिंग में पधारे और अपना अपना रजिस्टेशन करवाये....

वैतरणी दे पार कर, पूजे सब संसार

अंग अंग में देवता, बहे दूध की धार || वैतरणी दे पार कर, पूजे सब संसार ||
अंग अंग में देवता, बहे दूध की धार || वैतरणी दे पार कर, पूजे सब संसार ||

युगों-युगों से गौमाता
हमें आश्रय देते हुए
हमारा लालन-पालन
करती आ रही है

हमारी जन्मदात्री माँ तो
हमें कुछ ही बरस तक
दूध पिला सकी
परन्तु यह पयस्विनी तो
जन्म से अब तक
हमें पय-पान कराती रही

हमारी इस नश्वर काया
की पुष्टता के पीछे है
उसके चारों थन
जिस बलवान शरीर
पर हमें होता अभिमान
वह विकसित होता
इस गोमाता के समर्पण से

गौमाता की सेवा भगवत्प्राप्ति के साधनों में से एक है।

गावो विश्वस्य मातरः !!......

भुक्त्वा तृणानि शुष्कानि पीत्वा तोयं जलाशयात् ।
दुग्धं ददति लोकेभ्यो गावो विश्वस्य मातरः॥

वेदों में कहा गया हैः गावो विश्वस्य मातरः। अर्थात् गाय सम्पूर्ण विश्व की माता है। महाभारत में भी आता हैः मातरः सर्वभूतानां गावः सर्वसुखप्रदाः।

'गौएँ सभी प्राणियों की माता कहलाती हैं। वे सभी को सुख देने वाली हैं।' (महा.अनु.69.7)

गाय हूँ, मैं गाय हूँ,

गाय हूँ, मैं गाय हूँ,
इक लुप्त- सा अध्याय हूँ।
लोग कहते माँ मुझे पर मैं बड़ी असहाय हूँ।।
दूध मेरा पी रहे
सब,
और ताकत पा रहे।
पर हैं कुछ पापी यहाँ जो,
माँस मेरा खा रहे।
देश कैसा है जहाँ, हरपल ही गैया कट रही।
रो रही धरती हमारी,
उसकी छाती फट रही।
शर्म हमको अब नहीं है,
गाय-वध के जश्न पर,
मुर्दनी छाई हुई है,
गाय के इस प्रश्न पर।
मुझको बस जूठन खिला कर,
पुन्य जोड़ा जा रहा,
जिं़दगी में झूठ का,
परिधान ओढ़ा जा रहा।
कहने को हिंदू हैं लेकिन,
गाय को नित मारते।
चंद पैसों के

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