गौशाला स्थान स्थान पर होनी चाहिए

गौशाला स्थान

सर्व प्रथम गौ हत्या बंद होनी चाहिए और गौशालाये स्थान स्थान पर होनी चाहिए, गौ माता का महत्व सभी को बताना चाहिए के किस प्रकार गौ का महत्व हमारे जीवन में है। गौ संरक्षण होना चाहिए और सिर्फ भारतीय नसल की ही गायो का घी, ढूध और अन्य उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि जर्सी, अमेरिकन और अन्य नसल की गाये, गायें नहीं है इन नस्लों के उत्पाद विष के सामान है जो हमारी पीढयो को खोखला कर रहे है। गायो के लिए शोध संस्थान बनाने चाहिए।

दिव्य गुणों की स्वामिनी गौ माता 

दिव्य गुणों की स्वामिनी गौ माता 

दिव्य गुणों की स्वामिनी गौ माता | गौ या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है। यह गंगा, गायत्री, गीता, गोव‌र्द्धन और गोविंद की तरह पूज्य है। शास्त्रों में कहा गया है-मातर: सर्वभूतानांगाव:, यानी गाय समस्त प्राणियों की माता है। इसी कारण आर्य-संस्कृति में पनपे शैव, शाक्त, वैष्णव, गाणपत्य, जैन, बौद्ध, सिख आदि सभी धर्म-संप्रदायों में उपासना एवं कर्मकांड की पद्धतियों में भिन्नता होने पर भी वे सब गौ के प्रति आदर भाव रखते हैं। हम गाय को गोमाता कहकर संबोधित करते हैं।

"गाय" ........... आप इस शब्द का उच्चारण मात्र कीजिये

"गाय" ........... आप इस शब्द का उच्चारण मात्र

"गाय" ........... आप इस शब्द का उच्चारण मात्र
कीजिये , देखिएगा आपको कितनी आत्म -संतुष्टि मिलेगी |
जी हाँ ! आज का मेरा विषय "गौ माँ" ही है | दोस्तों !!
क्या कभी आपने सोचा है , की एक औरत , किसी दुसरे के
बच्चे को अपना दूध बिना किसी मज़बूरी के
पिला सकती है क्या ?
जवाब मैं देता हूं आपको ---कदापि नहीं |
जी हाँ जब तक कोई ख़ास मज़बूरी ना पड़े , कोई भी औरत
अपना दूध किसी और के बच्चे के साथ नहीं बाँट
सकती ,,,,,,फिर भी वो महान कहलाती है |
तो आप गाय माँ को क्या कह कर पूजेंगे ?? /वो तो एक -

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