5 काम जिन्हें करने से नहीं, सोचने पर भी लगता है पाप

5 काम जिन्हें करने से नहीं, सोचने पर भी लगता है पाप

श्रीमद्भागवत हिंदू धर्म के अट्ठारह पुराणों में से एक है। इस ग्रंथ को श्रीमद् भागवत या केवल भागवतम् के नाम से भी जाना जाता है। इस पुराण का मुख्य विषय भक्ति योग है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मुखारविंद से ज्ञान और नीति के बहुत सारे उपदेश देते हुए कहा है की 5 ऐसी चीजें हैं, जिनको करने से तो घोर पाप लगता है लेकिन उसके विषय में सोचने या अपमान करने से भी पाप और दुष्परिणाम झेलने पड़ते हैं।

5 पाप करने से मिलती है नर्क में सबसे बड़ी सजा

श्लोक-

यदा देवेषु वेदेषु गोषु विप्रेषु साधुषु।

धर्मो मयि च विद्वेषः स वा आशु विनश्यित।।

Blog Category: 

गाय का दूध अपनाएं और बनाएं अपने शरीर को रोग मुक्त

 गाय का दूध अपनाएं और बनाएं अपने शरीर को रोग मुक्त

विश्व भर में लोग गाय के दूध का इस्तेमाल बडे पैमाने पर करते हैं। गाय के दूध में तथा भैंस के दूध में काफी भिन्नता पाई जाती है। गाय के दूध की रचना भैंस के दूध से काफी अलग होती है। गाय के दूध में कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) की मात्रा ज्यादा होती है तथा वसा और कैलोरी की मात्रा कम होती है जबकि भैंस के दूध में चाहे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो पर गाय के दूध की तुलना में कैलरी तथा वसा की मात्रा कहीं ज्यादा पाई जाती है।

नोटः नवजात शिशु के लिए माँ के दूध देने के बाद गाय के दूध को ही सर्वश्रेष्ठ पोषक आहार माना गया है।

Blog Category: 

गाय का दूध गुणों का भण्डार हैं

गाय का दूध गुणों का भण्डार हैं

इस दूध से अनेक बीमारिया सही होती हैं, जिन कारणों से ही भारत के लोगो में गाय के प्रति अपार स्नेह श्रद्धा और मातृत्व भाव होता हैं। आज हम जानेंगे के दूध के ऐसे अनजाने गुण जो हमने कभी सुने ही नहीं थे और जिन वजहों से ये अमृत तुल्य हैं।

जीवन भर गाय का दूध पीने वाले व्यक्ति कैंसर जैसे भयानक रोगो से बचे रहते हैं। इसका दूध निरंतर सेवन करने से हमारी रोग प्रतिरोधक शक्ति इतनी बढ़ जाती हैं के कोई रोग नज़दीक नहीं फटकता। चाहे वो सर्दी खांसी हो, हृदय रोग हो, पेट के रोग, पुरुषो के रोग हो या स्त्रियों के रोग हो।

गाय के दूध में सोना।

Blog Category: 

क्या कहते है वैज्ञानिक देशी गौमाता के बारे में ..

1.जर्सी नस्ल की गाय का दूध पीने से 30 प्रतिशत कैंसर बढने की संभावना हैं
- नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट आॅफ अमेरिका

2.गाय अपने सींग के माध्यम से काॅस्मिक पाॅवर ग्रहण करती हैं - रूडल स्टेनर,जर्मन वैज्ञाानिक

3.गोबर की खाद की जगह रासायनिक खाद का उपयोग करने के कारण महिलाओं का दूध दिन प्रतिदिन विषैला होता जा रहा हैं
- डाॅ. विजयलक्ष्मी सेन्टर फाॅर इण्डियन नोलिज सिस्टम

Pages