अनमोल उपहार है मनुष्य जीवन

अनमोल उपहार

जीवन परमात्मा का अनमोल उपहार है। यह स्वयं ही इतना दिव्य, पवित्र और परिपूर्ण है कि संसार का कोई भी अभाव इसकी पूर्णता को खंडित करने में असमर्थ है। आवश्यकता यह है कि हम अपने मन की गहराई से अध्ययन कर उसे उत्कृष्टता की दिशा में उन्मुख करें।

ईर्ष्या, द्वेष, लोभ एवं अहम के दोषों से मन को विकृत करने के बजाए अपनी जीवनशैली को बदल कर सेवा, सहकार, सौहार्द जैसे गुणों के सहारे मानसिक रोगों से बचा जा सकता है और मानसिक क्षमताओं को विकसित किया जा सकता है।

इसीलिए कहा जाता है कि मनुष्य जीवन चार तरह की विशेषताएं लिए रहता है।

इस संबंध में एक श्लोक प्रस्तुत है -

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गौ या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है

गौ या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है

गौ या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है। यह गंगा, गायत्री, गीता, गोवर्धन और गोविन्द की तरह पूज्य है।

400 ग्राम गोमूत्र की बैटरी से 3 वाट का बल्ब 400 घंटे तक जलाया जा सकता है।

400 ग्राम गोमूत्र की बैटरी से 3 वाट का बल्ब 400 घंटे तक जलाया जा सकता है।

400 ग्राम गोमूत्र की बैटरी से 3 वाट का बल्ब 400
घंटे तक जलाया जा सकता है। 12 बोल्ट की इस ‘गो-
ज्योति बैटरी’ से मोबाइल भी चार्ज हो सकता है। इसे
कानपुर (उत्तरप्रदेश) की गौशाला में बनाया गया है।
इसे बिजली से चार्ज करने की जरूरत भी नहीं होती।
कानपुर गोशाला के महामंत्री पुरूषोत्तम तोषनीवाल के
प्रयासों से यह सब संभव हुआ है। तोषनीवाल के
अनुसार यह बिजली का वैकल्पिक साधन बन
सकती है।
तोषनीवाल ने दावा... किया कि बिजली से चार्ज
होने वाली बैटरियां 5-6 घंटे तक ही काम करती हैं,
जबकि गौ-ज्योति बैटरी 400 ग्राम गो-मूत्र से 400

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बांध का पानी घुसा पथमेड़ा गोशाला में, 536 गोवंश की मौत

बांध का पानी घुसा पथमेड़ा गोशाला में, 536 गोवंश की मौत

पांचला बांध टूटने के कारण उपजे बाढ़ के हालात ने जहां क्षेत्र में खासा नुकसान किया है। वहीं इसका पानी पथमेड़ा गोशाला की विभिन्न शाखाओं में घुसने से बड़ी तादाद में गोवंश की मौत हुई है। गोवंश की मौत का आंकड़ा बढ़कर अब 536 तक पहुंच चुका है। गौरतलब है कि गत दिनों अतिवृष्टि के कारण पांचला बांध टूट गया था। इसका पानी पथमेड़ा गोशाला की 18 शाखाओं में घुस गया। वहीं इस दौरान अतिवृष्टि के हालात भी बने रहे। ऐसे में गोशाला के करीब 536 गोवंश की मौत हो गई। गोशाला प्रबंधन के अनुसार पांचला बांध टूटने से गोधाम पथमेड़ा व इससे संबंधित गोशालाओंं में तेज वेग से पानी का बहाव हुआ। पानी का बहाव इतना तेज था कि वह गोवं

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