गोवरधन धारी की दुलारी गौमाँ

गोवरधन धारी

गोवरधन धारी की दुलारी गौ माँ 
साधू संतो मुनिओ की पियरी गौ माँ
मानव पर सदा उपकारी गौ माँ
कदम कदम सुखकारी हे गौ माँ
फिर भी दुखी हमारी गौ माँ
संकट में आज हमारी गौ माँ

कातर निगाहे हमें देख रही हे 
फेली हुई बाहे हमें देख रही हे
चीखे और आहे हमें हमें देख रही हे
कतल घर की राहे हमें देख रही हे

हम चारा और पानी का प्रबंध करेंगे 
गौ हत्या हम हर हाल में बंद करेंगे 
हमें ही बचानी हे हमारी गो माँ 
संकट में आज हमारी गो माँ' 
कतल खाने में उसे लाया जाता हे 
तीन चार दिन उसे भूखा रखा जाता हे

गौपूजन से हो जाता है 33 करोड़ देवी-देवता का पूजन

गौपूजन से हो जाता है 33 करोड़ देवी-देवता का पूजन

सृष्टि में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। यदि एक दिन में एक देवता की पूजा भी करें, तो एक जीवनकाल में सभी देवी-देवताओं की पूजा करना असंभव है। धरा पर गौमाता ऐसा जीव है, जिसमें शास्त्रों के अनुसार 33 करोड़ देवी-देवता वास करते हैं। गौमाता के पूजन से सभी देवी-देवताओं का पूजन हो जाता है।

ये विचार आरएसएस के कुक्षी जिला संघचालक दत्तेश शर्मा ने गौकुल धाम गौशाला में रविवार रात आयोजित गौरक्षा संगोष्ठी में व्यक्त किए। 

अनमोल उपहार है मनुष्य जीवन

अनमोल उपहार

जीवन परमात्मा का अनमोल उपहार है। यह स्वयं ही इतना दिव्य, पवित्र और परिपूर्ण है कि संसार का कोई भी अभाव इसकी पूर्णता को खंडित करने में असमर्थ है। आवश्यकता यह है कि हम अपने मन की गहराई से अध्ययन कर उसे उत्कृष्टता की दिशा में उन्मुख करें।

ईर्ष्या, द्वेष, लोभ एवं अहम के दोषों से मन को विकृत करने के बजाए अपनी जीवनशैली को बदल कर सेवा, सहकार, सौहार्द जैसे गुणों के सहारे मानसिक रोगों से बचा जा सकता है और मानसिक क्षमताओं को विकसित किया जा सकता है।

इसीलिए कहा जाता है कि मनुष्य जीवन चार तरह की विशेषताएं लिए रहता है।

इस संबंध में एक श्लोक प्रस्तुत है -

Blog Category: 

गौ या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है

गौ या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है

गौ या गाय हमारी संस्कृति की प्राण है। यह गंगा, गायत्री, गीता, गोवर्धन और गोविन्द की तरह पूज्य है।

Pages