लोगों में गो रक्षा की भावना कम क्यों हो रही है ?

प्रश्न— लोगों में गो रक्षा की भावना कम
क्यों हो रही है ?
उत्तर— गाय के कलेजे, मांस, खून आदि से बहुत-
सी अंग्रेजी दवाइयाँ बनती हैं | उन दवाइयों का सेवन
करनेसे गाय के मांस, खून आदि का अंश लोगों के पेट में
चला गया है और उनकी बुद्धि मलिन हो गयी है और
उनकी गाय के प्रति श्रद्धा, भावना नहीं रही है |
लोग पापसे पैसा कमाते है और उन्हीं पैसों का अन्न
खाते हैं, फिर उनकी बुद्धि शुद्ध कैसे होगी और
बुद्धि शुद्ध हुए बिना सच्ची, हितकर बात अच्छी कैसे
लगेगी ?
स्वार्थबुद्धि अधिक होने से मनुष्य की बुद्धि भ्रष्ट

'गाय' शब्द का अर्थ

'गाय' शब्द का अर्थ 
वेदों और शब्द "गो ", जो अंग्रेजी शब्द स्मृती' में एक व्यापक अर्थ है. 'गाय' के लिए कहा गया है, इसमें केवल गाय, बैल और बछडे बल्कि दूध, गौमूत्र और गोबर भी शामिल है.हमारे लिए, 'गाय' मूल रूप से हमारे स्वदेशी नस्लों की गाय, जिसमे कुछ निहित दिव्य और प्रमाणित गुण है, 50 से अधिक स्वदेशी नस्लों, जिनमें से कुछ के नाम नीचे का उल्लेख कर रहे हैं 

गाय मईया की महिमा तो अपार है

गाय मईया की महिमा तो अपार है जिसका उलेख शास्त्रों और पुराणों में वर्णित है संत महात्माओ ने गो माता की महिमा के सम्बन्ध में अनेको व्याख्यान दिए है !
मातर: सर्वभूतानां गाव:
गाय सनातन संस्कृति की रीढ़ है !वेद शास्त्रों के अनुसार गाय माता पृथ्वी के समस्त प्राणियो की जननी है !
गाय के सींगो में ब्रह्मा,ललाट में शंकर,कानो में अश्वनी कुमार,नेत्रों में सूर्य चन्द्र,जीवा में पृथ्वी, पीठ पर नक्षत्रगण,गोबर में महालक्ष्मी,और थनों में चारो समुद्र निवास करते है !

गाय का घी और चावल की आहुती

गाय का घी और चावल की आहुती

गाय का घी और चावल की आहुती डालने से महत्वपूर्ण गैसे जैसे – एथिलीन ऑक्साइड,प्रोपिलीन
ऑक्साइड,फॉर्मल्डीहाइड आदि उत्पन्न होती हैं । इथिलीन ऑक्साइड गैस आजकल सबसे अधिक
प्रयुक्त होनेवाली जीवाणुरोधक गैस है,जो शल्य-चिकित्सा (ऑपरेशन थियेटर) से लेकर जीवनरक्षक
औषधियाँ बनाने तक में उपयोगी हैं । वैज्ञानिक प्रोपिलीन ऑक्साइड गैस को कृत्रिम वर्षो का
आधार मानते है । आयुर्वेद विशेषज्ञो के अनुसार अनिद्रा का रोगी शाम को दोनों नथुनो में
गाय के घी की दो – दो बूंद डाले और रात को नाभि औ
र पैर के तलुओ में गौघृत लगाकर लेट
जाय तो उसे प्रगाढ़ निद्रा आ जायेगी ।

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