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5 काम जिन्हें करने से नहीं, सोचने पर भी लगता है पाप

5 काम जिन्हें करने से नहीं, सोचने पर भी लगता है पाप

श्रीमद्भागवत हिंदू धर्म के अट्ठारह पुराणों में से एक है। इस ग्रंथ को श्रीमद् भागवत या केवल भागवतम् के नाम से भी जाना जाता है। इस पुराण का मुख्य विषय भक्ति योग है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने मुखारविंद से ज्ञान और नीति के बहुत सारे उपदेश देते हुए कहा है की 5 ऐसी चीजें हैं, जिनको करने से तो घोर पाप लगता है लेकिन उसके विषय में सोचने या अपमान करने से भी पाप और दुष्परिणाम झेलने पड़ते हैं।

5 पाप करने से मिलती है नर्क में सबसे बड़ी सजा

श्लोक-

यदा देवेषु वेदेषु गोषु विप्रेषु साधुषु।

धर्मो मयि च विद्वेषः स वा आशु विनश्यित।।

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मध्यप्रदेश में जल्द ही गायों के भी आधार कार्ड बनाए जाएंगे।

अब गायों का भी बनेंगे आधार कार्ड, रहेगी पूरी डीटेल !

अगर आपके पास अभी तक आधार कार्ड नहीं है, तो ये कहा जा सकता है कि आपसे ज्यादा अपडेट तो गाय हैं। दरअसरल मध्यप्रदेश में जल्द ही गायों के भी आधार कार्ड बनाए जाएंगे। इसमें गायों की पूरी डीटेल और लोकेशन वगैरह की जानकारी होगी। पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य का कहना है कि इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया गया है और इसकी मदद से अवैध तस्करी पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

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विकास की और बढ़ता हमारा देश...

विकास की और बढ़ता देश...

देखो अंग्रेंजो जिसे तुम सांप सपेरों का देश समझते थे ,अब कितना विकसित हो गया है हमारा चमड़ा उद्योग कितना फल फूल रहा है जिसे तुम भारतीय नारी कहते थे जो रसोई में और घूँघट में रहती थी अब वो रसोई में नहीं बल्कि ऑफिस जाती है दारू सिगरेट और अब एक्सपोज़ करती है, बेटी अपने माता पिता को और पत्नी अपने पति को ।पति अपनी पत्नी को धोखा देता है

भारत के लोग अपने देश वीर महापुरषो को नहीं जानते

बल्कि हिटमैन सुपरमैन और स्पाइडर मैन को जानते है

दूध घी मक्खन खाने वाला देश आज पिज़्ज़ा बॉर्गर और मेदे की बनी चीज़े खा रहा है

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अनमोल उपहार है मनुष्य जीवन

अनमोल उपहार

जीवन परमात्मा का अनमोल उपहार है। यह स्वयं ही इतना दिव्य, पवित्र और परिपूर्ण है कि संसार का कोई भी अभाव इसकी पूर्णता को खंडित करने में असमर्थ है। आवश्यकता यह है कि हम अपने मन की गहराई से अध्ययन कर उसे उत्कृष्टता की दिशा में उन्मुख करें।

ईर्ष्या, द्वेष, लोभ एवं अहम के दोषों से मन को विकृत करने के बजाए अपनी जीवनशैली को बदल कर सेवा, सहकार, सौहार्द जैसे गुणों के सहारे मानसिक रोगों से बचा जा सकता है और मानसिक क्षमताओं को विकसित किया जा सकता है।

इसीलिए कहा जाता है कि मनुष्य जीवन चार तरह की विशेषताएं लिए रहता है।

इस संबंध में एक श्लोक प्रस्तुत है -

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