गौभक्त विचार

''प्रिये गौ माता प्रिये गोपाल'' गौमाता

''प्रिये गौ माता प्रिये गोपाल''

 क्रिशन भगवान् ने गौ माता और ब्राहमण की आराधना को ही अपनी पूजा माना है -
जब तक सम्पूर्ण लोक प्रतिष्ठित है और उनमे मेरी पूजा होती है, तो गौ माता के रूप में ही मैं पूजा को यथार्थ रूप से की गयी पूजा मानकर ग्रहण करता हु, इससे भिन दूसरी पूजा मेरी नहीं है।
अल्प बुधि मनुष्य इस रहस्य को ना जानकार अन्य प्रकार से व्यर्थ ही मेरी पूजा करते है।

''प्रिये गौ माता प्रिये गोपाल''
Vandeeeeeeee Gou Matrammmmmm:):):)
Jai Gou Mata Jai Shree Ram 
Plz Save Gou Mata

गाय के सिंग भी होते हैं चमत्कारी

गाय के सिंग भी होते हैं चमत्कारी

गाय को शास्त्रों में माता का स्थान दिया गया है। गाय की सेवा करने के कारण भगवान श्री कृष्ण गोपाल कहे जाते हैं। शास्त्रों में तो यह भी कहा गया है कि शिवलोक, बैकुण्ठ लोक, ब्रह्मलोक, देवलोक, पितृलोक की भांति गोलोक भी है। गोलोक के स्वामी भगवान श्री कृष्ण हैं।

गाय का इतना महत्व यूं ही नहीं है। गाय का दूध माता के दूध के समान फायदेमंद माना जाता है इसलिए बच्चों को गाय का दूध पिलाया जाता है। गाय के गोबर से घर आंगन और पूजा स्थान की शुद्घि होती है। आपने देखा होगा कि गोपूजा के दिन लोग गाय के सिंग में तेल और सिंदूर लगाते हैं। कल्याण पत्रिका में इसका वैज्ञानिक कारण बतया गया है है।

गौ माता गौ माता की अद्भुत महिमा

गौ माता गौ माता की अद्भुत महिमा

गौ माता गौ माता की अद्भुत महिमा 
गौ माता

गौ माता की अद्भुत महिमा

महामहिमामयी गौ हमारी माता है उनकी बड़ी ही महिमा है वह सभी प्रकार से पूज्य है गौमाता की रक्षा और सेवा से बढकर कोई दूसरा महान पुण्य नहीं है .

१. गौमाता को कभी भूलकर भी भैस बकरी आदि पशुओ की भाति साधारण नहीं समझना चाहिये गौ के शरीर में "३३ करोड़ देवी देवताओ" का वास होता है. गौमाता श्री कृष्ण की परमराध्या है, वे भाव सागर से पार लगाने वाली है.

२. गौ को अपने घर में रखकर तन-मन-धन से सेवा करनी चाहिये, ऐसा कहा गया है जो तन-मन-धन से गौ की सेवा करता है. तो गौ उसकी सारी मनोकामनाएँ पूरी करती है.

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