गौ महिमा

मां के दूध के बाद सबसे पौष्टिक आहार देसी गाय का दूध ही है ।

मां के दूध के बाद सबसे पौष्टिक आहार देसी गाय का दूध ही है ।

आज भी गाय की उत्पादकता व उपयोगिता में कोई कमी नहीं आई है । केवल हमने अपनी जीवनशैली को प्राकृतिक आधार से हटाकर यन्त्राधारित बना लिया है । विदेशियों के अंधानुकरण से हमने कृषि को यन्त्र पर निर्भर कर दिया । यन्त्र तो बनने के समय से ही ऊर्जा को ग्रहण करने लगता है और प्रतिफल में यन्त्रशक्ति के अलावा कुछ भी नहीं देता । बैलों से हल चलाने के स्थान पर ट्रेक्टर के प्रयोग ने जहाँ एक ओर भूमि की उत्पादकता को प्रभावित किया है वहीं दूसरी ओर गोवंश को अनुपयोगी मानकर उसके महत्व को भी हमारी दृष्टि में कम कर दिया है । फिर यन्त्र तो ईंधन भी मांगते हैं । आज खनिज तेल के आयात के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत अ

Blog Category: 

गाय की पूरी शारीरिक संरचना विज्ञान पर आधारित है ; जानें कैसे ??

गाय , ऋषिमुनि , विज्ञानं , गौवंस

हम बीमार क्यों होते हैं इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि हमारा शरीर पंचभूतों से निर्मित है। मानव के अतिरिक्त मानव उपयोगी समस्त जीवों का भी शरीर भी पंचभूतों से ही निर्मित है । वर्तमान चिकित्सा पद्धतियाँ आज के समय रासायनिक तरीकों से चिकित्सा करती हैं , उन्हें पंचभूत को संतुलित करने का कोई ज्ञान नहीं है । आज के समय मानव निर्मित सारे पंचभूत चाहे वह मिट्टी हो , जल हो , वायु हो , अग्नि हो या आकाश हो सब कुछ दूषित हो चुका है ।

Blog Category: 

गाय का वैज्ञानिक महत्व

ऐसा नहीं है कि गाय केवल धार्मिक और आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण होती है। बल्कि कुछ वैज्ञानिक तथ्य भी हैं जो गाय के महत्व को दर्शाते हैं। भले ही दूध, दही, घी के मामले में आज भैंस से मात्रात्मक दृष्टि से उत्पादन ज्यादा मिलता हो लेकिन गुणवत्ता के मामले में गाय के दूध, व गाय के दूध से बने उत्पादों का कोई मुकाबला नहीं हैं। एक और गाय का दूध ज्यादा शक्तिशाली होता है तो वहीं उसमें वसा की मात्रा भैंस के दूध के मुकाबले बहुत कम मात्रा में पायी जाती है। गाय के दूध से बने अन्य उत्पाद भी काफी पौष्टिक होते हैं।

Blog Category: 

गौदुग्ध – धरती का अमृत

गौदुग्ध – धरती का अमृत

गाय का दूध धरती का अमृत है. विश्व में गौ दुग्ध के सामान पौष्टिक आहार दूसरा कोई नहीं है. गाय के दूध को पूर्ण आहार माना गया है. यह रोग निवारक भी है. गाय के दूध का कोई विकल्प नहीं है. यह एक दिव्य पदार्थ है.

वैसे भी गाय के दूध का सेवन करना गौ माता की महान सेवा करना ही है. क्योकि इससे गोपालन को बढ़ावा मिलता है और अप्रत्यक्ष रूप से गाय की रक्षा ही होती है. गाय के दूध का सेवन कर गौमाता की रक्षा में योगदान तो सभी दे ही सकते है.

Blog Category: 

Pages