gauparivar's blog

गौ माता से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी ।

गौ माता से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी ।

गाय से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी ।

1. गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनंदपूर्वक चैन की सांस लेती है । वहां वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं ।

2. जिस जगह गौ माता खुशी से रभांने लगे उस जगह देवी देवता पुष्प वर्षा करते हैं ।

3. गौ माता के गले में घंटी जरूर बांधे ; गाय के गले में बंधी घंटी बजने से गौ आरती होती है ।

4. जो व्यक्ति गौ माता की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गौ माता हर लेती है ।

5. गौ माता के खुर्र में नागदेवता का वास होता है । जहां गौ माता विचरण करती है उस जगह सांप बिच्छू नहीं आते ।

गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक नाड़ी होती है|

गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक नाड़ी होती है|

प्रत्येक व्यक्ति को उसके शरीर में स्वर्ण{GOLD}
की आवश्यकता होती है पर व्यक्ति स्वर्ण
खा तो नहीं सकता?गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक
नाड़ी होती है|जब सूर्य की किरणें गाय के भीतर प्रवेश कर
उस नाड़ी पर पड़ती हैं तो उस नाड़ी के माध्यम से प्राकृतिक
रूप से स्वर्ण बनता है तभी गाय का दूध पीलेपन को धारण
किऐ होता है|इस प्रकार से प्रत्येक व्यक्ति के भीतर
स्वर्ण भी पहुँच जाता है|यह नाड़ी गाय के अलावा अन्य
किसी जीव में नहीं होती|प्रभु द्वारा की गई इस सुंदर
व्यवस्था की रक्षा कीजिऐ और कामधेनु कल्याण परिवार

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गौ सेवा या गौ रक्षा का लोग गलत मतलब निकाल लेते हैँ

गौ सेवा या गौ रक्षा का लोग गलत मतलब निकाल लेते हैँ

गौ सेवा या गौ रक्षा का लोग गलत मतलब निकाल लेते हैँ। इसका मतलब ये नहीँ है कि एक डंडा हाथ मेँ लिया एक कट्टा कमर मेँ फसाया और निकल लिये कसाईयोँ और बूचड़ोँ की खोज मे

चूंकि हिन्दू धर्म की विशेषता है कि वो अपनी विसंगतियोँ को भी खुले दिल से स्वीकारता है

हमारे साथ यही दिक्कत है कि नागपंचमी पर नाग को दूध पिलायेँगेँ और साल के बाकी दिन जहाँ कहीँ साँप नजर आया फौरन उसे

मार देँगेँ

गौअष्टमी के दिन गाय को ढ़ूंढ कर चारा खिलायेँगेँ और साल के बाकी दिन बैल के घर के पास नजर आते ही डंडा मार के भगायेँगे

गाय का घी और चावल की आहुती

गाय का घी और चावल की आहुती

गाय का घी और चावल की आहुती डालने से महत्वपूर्ण गैसे जैसे – एथिलीन ऑक्साइड,प्रोपिलीन
ऑक्साइड,फॉर्मल्डीहाइड आदि उत्पन्न होती हैं । इथिलीन ऑक्साइड गैस आजकल सबसे अधिक
प्रयुक्त होनेवाली जीवाणुरोधक गैस है,जो शल्य-चिकित्सा (ऑपरेशन थियेटर) से लेकर जीवनरक्षक
औषधियाँ बनाने तक में उपयोगी हैं । वैज्ञानिक प्रोपिलीन ऑक्साइड गैस को कृत्रिम वर्षो का
आधार मानते है । आयुर्वेद विशेषज्ञो के अनुसार अनिद्रा का रोगी शाम को दोनों नथुनो में
गाय के घी की दो – दो बूंद डाले और रात को नाभि औ
र पैर के तलुओ में गौघृत लगाकर लेट
जाय तो उसे प्रगाढ़ निद्रा आ जायेगी ।

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