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गाय अपने निःश्वास में ऑक्सीजन छोड़ती है।

गाय अपने निःश्वास में ऑक्सीजन छोड़ती है।

गाय अपने निःश्वास में ऑक्सीजन
छोड़ती है। डा. जूलिशस व डॉ. बुक
(कृषि वैज्ञानिक जर्मनी)।

गाय अपने सींग के माध्यम से कॉस्मिक
पावर ग्रहण करती है।

एक थके माँदे व तनावग्रस्त
व्यक्ति को स्वस्थ एवं सीधी गाय के नीचे
लिटाने से उसका तनाव एवं थकावट कुछ
ही मिनटों में दूर हो जाती है
तथा व्यक्ति पहले से ज्यादा ताजा एवं
स्फूर्तियुक्त हो जाता है। (वैज्ञानिक
पावलिटा, चेक यूनिवर्सिटी)।

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गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक नाड़ी होती है|

गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक नाड़ी होती है|

प्रत्येक व्यक्ति को उसके शरीर में स्वर्ण{GOLD}
की आवश्यकता होती है पर व्यक्ति स्वर्ण
खा तो नहीं सकता?गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक
नाड़ी होती है|जब सूर्य की किरणें गाय के भीतर प्रवेश कर
उस नाड़ी पर पड़ती हैं तो उस नाड़ी के माध्यम से प्राकृतिक
रूप से स्वर्ण बनता है तभी गाय का दूध पीलेपन को धारण
किऐ होता है|इस प्रकार से प्रत्येक व्यक्ति के भीतर
स्वर्ण भी पहुँच जाता है|यह नाड़ी गाय के अलावा अन्य
किसी जीव में नहीं होती|प्रभु द्वारा की गई इस सुंदर
व्यवस्था की रक्षा कीजिऐ और कामधेनु कल्याण परिवार

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अबला गैया हाय तुम्हारी है यह दुखद कहानी,

अबला गैया हाय तुम्हारी है यह दुखद कहानी,

अबला गैया हाय
तुम्हारी है यह दुखद कहानी,
माँ कह कर भी कुछ लोगों, ने कदर न
तेरी जानी..
कोई तुझको डंडा मारे,कोई बस दुत्कारे,
भूखी-प्यासी भटक रही है, तू तो द्वारे-द्वारे.
देख दुर्दशा तेरी मैया, बहे नैन से पानी.
अबला गैया हाय
तुम्हारी है यह दुखद कहानी.
पीकर तेरा दूध यहाँ पर, जिसने ताकत पाई,
वही एक दिन पैसे खातिर, निकला निपट
कसाई.
स्वारथ में अंधी दुनिया ने, बात कहाँ-कब
मानी.
अबला गैया हाय
तुम्हारी, है यह दुखद कहानी.
गो-सेवा का अर्थ यहाँ अब, केवल रूपया-पैसा,

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