gauparivar's blog

गोमाता को वचन दे के प्लास्टिक का उपयोग बंद करेगे

गोमाता को वचन दे के प्लास्टिक का उपयोग बंद करेगे

आईये हम सब गोमाता को वचन दे के प्लास्टिक का उपयोग बंद करेगे ।
कोई भी वयक्ति जो प्लास्टिक का उपयोग करता है,गोमाता के लिये किसी हत्यारे से कम नही है।
क्यिोंकी प्लास्टिक खाने के बाद गोमाता के बचने कि संभावना ना के बराबर रहती है।
इसलिये यदि पुण्य नही कमा सकते, कम से कम पाप तो ना कमाये।

गोवर्धनधारी की दुलारी गौ माँ

गोवर्धनधारी की दुलारी गौ माँ

गोवर्धनधारी की दुलारी गौ माँ
साधु संतोँ मुनियोँ की प्यारी गौ माँ
ममता की मृदु फुलवारी गौ माँ
पर्यावरण की रखवाली गौ माँ
मानव पे सदा उपकारी गौ माँ
कदम कदम सुखकारी गौ माँ
हाय फिर भी है दुखियारी गौ माँ
संकट मेँ आज है हमारी गौ माँ
.
गौमाता का दूध अमृत समान है
गोबर और मूत्र भी गुणोँ की खान हैँ
रक्तचाप मधुमेह ज्वर अस्थमा
कैँसर जैसे रोगोँ का ये करे खात्मा
गौमूत्र के जैसे एंटीबॉयटिक नहीँ है
घी से ज्यादा कुछ स्वास्थ्यदायक नहीँ है
हृदय रोग मेँ भी गुणकारी गौ माँ
संकट मेँ आज है हमारी गौ माँ
.

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अबला गैया हाय तुम्हारी है यह दुखद कहानी,

अबला गैया हाय तुम्हारी है यह दुखद कहानी,

अबला गैया हाय
तुम्हारी है यह दुखद कहानी,
माँ कह कर भी कुछ लोगों, ने कदर न
तेरी जानी..
कोई तुझको डंडा मारे,कोई बस दुत्कारे,
भूखी-प्यासी भटक रही है, तू तो द्वारे-द्वारे.
देख दुर्दशा तेरी मैया, बहे नैन से पानी.
अबला गैया हाय
तुम्हारी है यह दुखद कहानी.
पीकर तेरा दूध यहाँ पर, जिसने ताकत पाई,
वही एक दिन पैसे खातिर, निकला निपट
कसाई.
स्वारथ में अंधी दुनिया ने, बात कहाँ-कब
मानी.
अबला गैया हाय
तुम्हारी, है यह दुखद कहानी.
गो-सेवा का अर्थ यहाँ अब, केवल रूपया-पैसा,

गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक नाड़ी होती है|

गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक नाड़ी होती है|

प्रत्येक व्यक्ति को उसके शरीर में स्वर्ण{GOLD}
की आवश्यकता होती है पर व्यक्ति स्वर्ण
खा तो नहीं सकता?गाय के भीतर "सूरज केतु"नामक एक
नाड़ी होती है|जब सूर्य की किरणें गाय के भीतर प्रवेश कर
उस नाड़ी पर पड़ती हैं तो उस नाड़ी के माध्यम से प्राकृतिक
रूप से स्वर्ण बनता है तभी गाय का दूध पीलेपन को धारण
किऐ होता है|इस प्रकार से प्रत्येक व्यक्ति के भीतर
स्वर्ण भी पहुँच जाता है|यह नाड़ी गाय के अलावा अन्य
किसी जीव में नहीं होती|प्रभु द्वारा की गई इस सुंदर
व्यवस्था की रक्षा कीजिऐ और कामधेनु कल्याण परिवार

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