गौभक्त विचार

कब होगी गोचर भूमि खाली

मोदी में अगर दम है तो 3 करोड़ 32 लाख 50 हजार एकड़ ज़मीन है गोचर भूमि की बस इसको खाली कर दो।बिना गोचर भूमि के गौमाता की रक्षा नही हो सकती । गौमाता चारे के अभाव में भूखी मर है गौशाला के अन्दर सडको पर पालीथीन खा रही है और सरकार 500 करोड़ देकर चमत्कार कर रही है। गौमता को तुम्हारा अहसान नही चाहिए मोदी जी बस कत्लखाना बंद कर दो और गोचर भूमि खाली कर दो। गौहत्या करने वालो को मौत की सजा दे दो। विदेशी नस्ल को भारत में बंद कर दो। 5लाख करोड़ कारोबार है गौमांश चमडा और अन्य चीजो से। अगर सरकार 500 करोड़ दे रही है तो कोई एहसान नही कर रही है गौरक्षा आन्दोलन को कमजोर कर रही है। ये वैसे ही बात है जैसे सरकार शराब बेच

जानिये क्यों पास नहीं हुआ आज तक गौहत्या रोकने का कोई बिल ??

माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय मोदी जी से निवेदन है कि अब वे अपनी गौमाता की रक्षा और सेवा के लिए शीघ्राति शीघ्र उपरोक्त बातों को संज्ञान में लेते हुए निश्चय ही ठोस कदम उठायेंगे। अब आपको तय करना है की  गौ ह्त्या रोकने का बिल संसद मे कैसे पास करवाएँगे ??

गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध सुत्रपात

धर्मप्राण भारत के हरदे सम्राट ब्रह्रालीन अन्न्त श्री स्वामी श्री करपात्री जी महाराज द्वारा संवंत २00१ में संस्थापित अक्षिल भारतवासीय धर्मसंघ ने अपने जन्मकाल से ही मॉ भारतीय के प्रतीक गो रक्षा पालन पूजा एंव संर्वधन को अपने प्रमुखा उद्देश्यो में स्थान दिया था। सन २१४६ में देश में कांग्रेस की अंतरिम सरकार बनी । भारतीय जनता ने अपनी सरकार से गोहत्या के कलंक को देश के मस्तक से मिटाने की मांग की। किंतु सत्ताधारी नेताओं ने पूर्व घोषणाओ की उपेक्षा कर धर्मप्राण भारत की इस मांग को ठुकरा दिया। सरकार की इस उपेक्षावर्ती से देश के गोभक्त नेता एवं जागरूक जनता चिन्तित हो उठी। उन्हे इससे गहरा आघात लगा। सन` १

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